Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana 2026//मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना 2026,10 गायों के डेयरी यूनिट पर ₹11.80 लाख तक की सब्सिडी

दोस्तों उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए ‘मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना’ (Mini Nandini Krishak Samriddhi Yojana) शुरू की है। यह योजना नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत चलाई जा रही है । इसका मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को डेयरी व्यवसाय से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और देशी नस्ल की गायों के संरक्षण को बढ़ावा देना है ।यह योजना मुख्य रूप से 10 गायों वाली डेयरी यूनिट स्थापित करने पर केंद्रित है और इसमें परियोजना लागत का 50% तक अनुदान दिया जाता है । आइए जानते हैं इस योजना से जुड़ी सभी जरूरी बातें।

योजना का वित्तीय ढाँचा कितना मिलेगा और किसे देना होगा?

इस योजना के तहत 10 गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने की कुल अनुमानित लागत ₹23.60 लाख रखी गई है । इसमें सरकार की ओर से ₹11.80 लाख (50%) तक की सब्सिडी दी जाएगी । शेष राशि निम्न तरीके से पूरी की जाएगी:

घटकप्रतिशतराशि (लगभग)
सरकारी सब्सिडी50%₹11.80 लाख
बैंक ऋण35%₹8.26 लाख
लाभार्थी का अंशदान15%₹3.54 लाख

सब्सिडी कैसे मिलेगी?

सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में दो किस्तों में भेजी जाएगी (Direct Benefit Transfer – DBT) :

  1. पहली किस्त: डेयरी यूनिट का बुनियादी ढाँचा (शेड, आदि) तैयार होने के बाद।
  2. दूसरी किस्त: सभी गायों की खरीदारी पूरी होने के बाद।

पात्रता मानदंड कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी है:

  1. अनुभव: आवेदक के पास कम से कम 3 साल का गाय या भैंस पालने का अनुभव होना चाहिए। इसका प्रमाण मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) से लेना होगा ।
  2. भूमि: आवेदक के पास डेयरी यूनिट के लिए 0.20 एकड़ और चारा उत्पादन के लिए 0.80 एकड़ (कुल 1 एकड़) भूमि होनी चाहिए। यह भूमि स्वयं की, पैतृक या 7 साल के पंजीकृत पट्टे पर ली गई हो सकती है ।
  3. गायों की नस्ल: योजना पूरी तरह से देशी नस्ल (साहीवाल, गीर, थारपारकर, गंगातिरी) की गायों के लिए है । गायें अपने मूल प्रजनन क्षेत्रों से खरीदी जानी चाहिए और उनकी पहली या दूसरी ब्यांत (lactation) चल रही हो ।
  4. महिलाओं के लिए आरक्षण: इस योजना में 50% कोटा महिला लाभार्थियों के लिए आरक्षित है ।
  5. पात्र नहीं: जिन किसानों ने पहले से कामधेनु योजना, मिनी/माइक्रो कामधेनु योजना, या मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना का लाभ लिया है, वे इसके पात्र नहीं हैं ।

आवेदन कैसे करें?

  1. आवेदन माध्यम: फिलहाल आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किए जाएंगे। जब तक पोर्टल सक्रिय नहीं हो जाता, आवेदन ऑफलाइन (डाक द्वारा या व्यक्तिगत रूप से) जिले के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) या मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) के कार्यालय में जमा किए जा सकते हैं ।
  2. चयन प्रक्रिया: यदि आवेदनों की संख्या रिक्तियों से अधिक होती है, तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा ।

योजना के अब तक के परिणाम

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस योजना का जमीनी स्तर पर अच्छा असर दिखने लगा है। अब तक 245 से अधिक डेयरी यूनिटें इस योजना के तहत स्थापित की जा चुकी हैं । प्रयागराज जिले में अकेले 12 लाभार्थियों का चयन किया जा चुका है ।

निष्कर्ष

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना 2026 उन किसानों के लिए एक शानदार अवसर है, जो कम पूंजी में डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। 50% सब्सिडी और 35% बैंक ऋण की सुविधा इसे बेहद आकर्षक बनाती है। यह न केवल किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि देशी नस्लों के संरक्षण में भी योगदान देगी। अगर आप पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, तो जल्द से जल्द अपने नजदीकी पशु चिकित्सा कार्यालय से संपर्क करें और इस सरकारी योजना का लाभ उठाएं।

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