Bhadohi Safai Karmi Bharti 2026//18 साल की लंबी लड़ाई के बाद अब होंगी नियुक्ति

नमस्कार दोस्तों भदोही (संत रविदास नगर) जिले में सफाई कर्मियों की भर्ती सालों से एक ज्वलंत मुद्दा रहा है। 2026 में इस मामले में एक बड़ी घटना घटी है – 18 साल के लंबे इंतजार के बाद 145 सफाई कर्मियों को जिले में तैनाती मिली है। हालाँकि, यह भर्ती प्रक्रिया अभी भी पूरी नहीं हुई है और कई विवादों एवं चुनौतियों से घिरी हुई है।

साल 2008 से शुरू हुआ विवाद

भदोही में सफाई कर्मी भर्ती का यह सिलसिला 2008 में शुरू हुआ था। बसपा सरकार के दौरान जब इसकी प्रक्रिया शुरू हुई, तब 1,272 पदों के लिए 5,600 आवेदन आए थे। लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया में कथित धांधली सामने आने पर तत्कालीन जिलाधिकारी दीपिका दुग्गल ने भर्ती को रद्द कर दिया।इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया और नियुक्ति प्रक्रिया ठप हो गई। 2009 में दोबारा आवेदन मांगे गए तो प्रदेश भर से लगभग 80 हजार आवेदन आए। 2013-14 में हाईकोर्ट के स्थगन आदेश के बाद तीसरी बार विज्ञप्ति निकाली गई, जिसमें सात लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इस तरह यह मामला सालों-साल लंबित रहा।

2026 में 145 सफाई कर्मियों की तैनाती

फरवरी 2026 में एक बड़ा बदलाव आया। प्रदेश के 28 जिलों के “सरप्लस” (अतिरिक्त) सफाई कर्मियों को भदोही में भेजा गया। इन जिलों में आगरा, मथुरा, प्रयागराज, लखनऊ, गाजियाबाद, वाराणसी और अन्य प्रमुख जिले शामिल हैं।

नियुक्ति का ब्योरा

विवरणजानकारी
तैनात किए गए कर्मी145
स्रोत28 जिलों के सरप्लस सफाई कर्मी
लक्षित लाभार्थी15 लाख ग्रामीण आबादी
ग्राम पंचायतें546
आवंटन पैटर्न1 सफाई कर्मी पर 3 ग्राम पंचायतें

विरोध और स्थानीय अभ्यर्थियों का आक्रोश

इस नियुक्ति का स्वागत तो हुआ, लेकिन स्थानीय अभ्यर्थियों ने इस पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि बाहरी जिलों के कर्मियों को तैनात करना स्थानीय अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है, जो 17-18 सालों से नियुक्ति का इंतज़ार कर रहे हैं।फरवरी 2026 में ही एक अभ्यर्थी पंधारी कनौजिया ने कलेक्ट्रेट परिसर में मोबाइल टावर पर चढ़कर प्रदर्शन किया और नियुक्ति की मांग रखी। इसके अलावा, सफाई कर्मी अभ्यर्थियों ने 17 फरवरी 2026 को कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन करने की रणनीति बनाई थी।

सफाई व्यवस्था का बदहाल हाल

भदोही की सफाई व्यवस्था काफी खराब स्थिति में है:

  1. शहर में दोपहर तक कूड़ा नहीं उठ पा रहा
  2. स्वच्छ भारत मिशन के तहत 100 करोड़ से अधिक की लागत से 300 गांवों में बने रिसोर्स रिकवरी सेंटर में से केवल 25 ही संचालित हो रहे हैं, बाकी 275 में ताला लटका है
  3. शहर के विस्तार (28 वार्ड, 3.5 लाख+ आबादी) के अनुरूप सफाई व्यवस्था नहीं बढ़ी

आगे की राह

डीएम शैलेष कुमार ने बताया कि भविष्य में रोस्टर तय किया जाएगा और जरूरत के अनुसार और कर्मचारी लाए जाएंगे। हालाँकि, स्थानीय अभ्यर्थियों की मांगों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि सफाई कर्मी भर्ती का मुद्दा अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

निष्कर्ष

Bhadohi Safai Karmi Bharti 2026 ने 18 सालों से चली आ रही भर्ती प्रक्रिया को आंशिक रूप से पूरा किया है, लेकिन अभी भी स्थानीय अभ्यर्थियों, न्यायिक प्रक्रियाओं और जिले की सफाई व्यवस्था की मांगों को लेकर कई सवाल बाकी हैं। 145 कर्मियों की तैनाती एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन 546 ग्राम पंचायतों के लिए यह संख्या काफी कम है।अगर आप इस भर्ती से जुड़े ताज़ा अपडेट चाहते हैं, तो भदोही जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय समाचार पत्रों पर नज़र रखें।

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